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ईरान पर हमला! ईरान पर हमला होते ही बहरीन और यूएई में अमेरिकी बेस पर धमाके, ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ घोषित।

स्टेट ऑफ इमरजेंसी: मिडिल ईस्ट के किन-किन देशों में थम गई जिंदगी, क्या है ताजा हालात?

मिडिल ईस्ट (Middle East) से आ रही खबरें इस वक्त पूरी दुनिया को डरा रही हैं। शनिवार की दोपहर 12 बजेे भारतीय समयानुसार इजराइल और अमेरिका के कई इलाकों में जबददस्त हमला किया गया जिसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान धमाकों की गूंज से दहल उठा। इजरायल ने ईरान पर हमला (Attack on Iran) कर सीधे तौर पर युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती; जवाब में ईरान ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए बहरीन, यूएई (UAE) और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। चारों तरफ धुएं का गुबार है और तनाव इतना बढ़ गया है कि कई देशों ने ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ घोषित कर दी है।

इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल खाड़ी देशों में खलबली मचा दी है, बल्कि रूस जैसे शक्तिशाली देशों ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

ईरान पर हमला: तेहरान में धमाके और इजरायल की रणनीति

शनिवार तड़के इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। तेहरान के डाउनटाउन इलाके में धुएं के ऊंचे गुबार देखे गए। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके इतने जोरदार थे कि कई किलोमीटर दूर तक उनकी आवाज सुनी गई। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने धमाकों की पुष्टि तो की है, लेकिन नुकसान या जान-माल की हानि पर अभी चुप्पी साधी हुई है।

इजरायल का यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हालिया क्षेत्रीय विवादों का नतीजा माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इजरायल ने बेहद सटीक तरीके से उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहाँ से ईरान अपनी सैन्य ताकत का संचालन करता है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उसकी चुप्पी के पीछे एक बड़ी जवाबी योजना छिपी हो सकती है।

जवाबी कार्रवाई: बहरीन और यूएई में अमेरिकी बेस निशाने पर

जैसे ही इजरायल की ओर से ईरान पर हमला हुआ, ईरान ने अपनी ‘प्रॉक्सी’ ताकतों और मिसाइलों का रुख उन अमेरिकी ठिकानों की ओर मोड़ दिया जो उसके पड़ोस में स्थित हैं।

  1. बहरीन में नेवल बेस: ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिका के नौसैनिक अड्डे (Naval Base) को निशाना बनाया है। यह बेस खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा केंद्र है।

  2. यूएई और कतर में हलचल: यूएई (UAE) के अबू धाबी और कतर में भी अमेरिकी सैन्य बेस के पास धमाकों की खबरें मिल रही हैं। इन इलाकों में ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है और सुरक्षा चाक-चौबंद है।

  3. धुआं-धुआं मिडिल ईस्ट: बहरीन से लेकर तेहरान तक, आसमान में फाइटर जेट्स की गूंज और धमाकों का धुआं साफ देखा जा सकता है। यह स्थिति दर्शाती है कि युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल चुका है।

रूस का बड़ा बयान: “शांतिदूत ट्रंप का असली चेहरा सामने आया”

इस युद्ध में रूस का बयान जारी किया है। रूस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोला गया है। रूस का कहना है कि जब दुनिया शांति वार्ता की उम्मीद कर रही थी, तब ईरान पर हमला होना यह साबित करता है कि ट्रंप का ‘शांतिदूत’ वाला मुखौटा उतर गया है।

रूस ने सवाल उठाया है कि क्या यही वह शांति है जिसका वादा ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किया था? रूस का यह कड़ा रुख इशारा करता है कि अगर युद्ध और बढ़ा, तो दुनिया दो बड़े गुटों में बंट सकती है, जो एक वैश्विक संकट का संकेत है।

दुनिया पर क्या होगा इसका असर?

मिडिल ईस्ट में अगर पत्ता भी हिलता है, तो उसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इस ताजा संघर्ष से कई चीजें प्रभावित हो सकती हैं:

  • तेल की कीमतें: चूंकि यह पूरा इलाका तेल उत्पादन का केंद्र है, युद्ध की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।

  • हवाई यातायात: बहरीन, यूएई और कतर जैसे व्यस्त एयर-रूट्स पर उड़ानों को डायवर्ट या रद्द किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा मुश्किल और महंगी हो जाएगी।

  • आर्थिक अस्थिरता: शेयर बाजारों में भारी गिरावट की आशंका है क्योंकि निवेशक युद्ध के समय में जोखिम लेने से बचते हैं।

क्या कूटनीति का रास्ता अभी बचा है?

इस वक्त मिडिल ईस्ट एक बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान पर हमला और उसके बाद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना यह साफ करता है कि बातचीत की मेज अब बहुत दूर हो गई है। अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह स्थानीय संघर्ष एक महायुद्ध में बदल सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें संयुक्त राष्ट्र और उन देशों पर टिकी हैं जो मध्यस्थता कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. ईरान पर हमला इजरायल ने क्यों किया?

इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। इजरायल का मानना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हालिया तनाव इसी दुश्मनी का एक नया और खतरनाक मोड़ है।

2. क्या अमेरिका सीधे इस युद्ध में शामिल है?

जी हां ये  हमला इजरायल और अमेरिका ने मिलकर किया है, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस पर इरान ने हमला किया क्योंकि मीडिल ईस्ट में अमेरिका ने नाकि अपने बेस से बल्कि समंदर से भी हमला किया जिसके बाद इरान ने पलटवार शुरू कर दिया है

3. ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ का क्या मतलब होता है?

जब किसी देश में सुरक्षा को लेकर भारी खतरा होता है, तो वहां इमरजेंसी लगा दी जाती है। इसमें नागरिकों की आवाजाही पर रोक लग सकती है, सेना को विशेष अधिकार मिल जाते हैं और सभी सार्वजनिक सेवाएं सुरक्षा के अधीन आ जाती हैं।

4. क्या भारत पर इसका कोई असर पड़ेगा?

हां बिल्कुल असर पड़ सकता है , भारत अपनी जरूरत का काफी तेल मिडिल ईस्ट से मंगवाता है। अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं और वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।

मेटा डिस्क्रिप्शन: इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ गया है। ईरान ने बहरीन और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। जानें रूस की प्रतिक्रिया और इस संघर्ष की पूरी कहानी।

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